आदिवासी उपयोजना

                                                                                  घनश्याम बिरूली, राँची 

                                          Tribal Sub plan (आदिवासी उपयोजना) के मुख्य उद्देश्य

1) आदिवासियों के गरीबी उन्मूलन और बेरोजगारी को दूर करना।

2)आदिवासियों के लिए उत्पादक परिसम्पत्तियों का निर्माण ताकि निरंतर विकास की प्रक्रिया जारी रखा जा सके।

3) आदिवासियों को पर्याप्त शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं प्रदान की जा सके ताकि मानव संसाधन का विकास हो।

4) हर तरह के शोषण और उत्पीड़न से आदिवासियों को शारीरिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।

TSP (Tribal Sub plan) सरकार द्वारा तय की गई वार्षिक या पंचवर्षीय योजना का एकीकृत हिस्सा है और इसके अंतर्गत बनाये गये प्रावधान Non divertable और Non lapsable हैं और इसका उद्देश्य आदिवासियों के आर्थिक और सामाजिक विकास में जो विषमताएं हैं उसे निर्दिष्ट समय सीमा में पाटना है । मगर इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती है कि राज्य के विभिन्न विभाग उपर्युक्त प्रावधानों का उल्लंघन करते आये हैं । जिन पैसों का आदिवासियों के विकास के लिए उपयोग होना है उसका अन्य उद्देश्यों के लिए खर्च होता है और ये एक मजाक बन कर रह गया है। ये सरकार की व्यवस्था और इच्छाशक्ति पर भी एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है।

संबंधित विभागों द्वारा इसके खर्च का निरीक्षण और मूल्यांकन नहीं के बराबर होता है और दोषियों को इन अनियमितताओं के लिए उत्तरदायी भी नहीं बनाया जाता है।

इस मामले में उल्लंघन के कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं :-
– ओडिशा में TSP के फंड का आदिवासियों के हित के कार्यों के लिए होना चाहिए परन्तु उसका उपयोग मूलभूत संरचना (रोड, बिल्डिंग आदि) के लिये उपयोग किया जा रहा है।

– वार्षिक योजनाओं के TSP बजट में आदिवासी जनसंख्या के मुकाबले कम पैसों का प्रावधान किया जा रहा है जो इससे संबंधित दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

– TSP बजट का फोकस प्रशिक्षण, शिक्षा और समुचित अवसर प्रदान कर आदिवासी नेतृत्व ( सामुदायिक नेतृत्व) के विकास एवं सशक्तीकरण पर होना चाहिए।

– वार्षिक योजनाओं के अन्तर्गत TSP के स्कीम तथा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु कोई निर्दिष्ट लक्ष्य और समयसीमा तय नहीं किये जाते।
-सरकार की ओर से TSP के क्रियान्वयन क्षेत्र में तय मानदण्डों के आधार पर आदिवासी समूहों के सामाजिक और आर्थिक स्थिति का कोई सर्वे नहीं किया जाता और दीर्घकालीन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कोई योजना या रूपरेखा तैयार नहीं की जाती।

-आखिर में, आदिवासियों के विकास से जुड़े हुए विभाग, विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यकता से कम खर्च करते हैं।

विदित हो कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत देश के केंद्रीय फंड में से आदिवासी विकास मंत्रालय के जरिए TSP का फंड आबंटित किया जाता है। सभी प्राप्त रेवेन्यू, लिए गए ऋण तथा सरकार द्वारा प्राप्त ऋणों की अदायगी के पैसे केन्द्रीय फंड में जमा होती है, इसलिए सभी समुदायों और सभ्य समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि इसका निरीक्षण करें और समयोचित सुझाव या शिकायत दर्ज करें।

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