हमारी सोच से अधिक आम हो सकता है  एलियन जीवन

     यह कहना है सूक्ष्मजीव जीवाश्म का अध्ययन कर रहे  वैज्ञानिकों का

 

ब्रह्मांड में एलियन जीवन हमारी सोच से ज्यादा आम हो सकता है। ऐसा कहना है उन वैज्ञानिकों का जिन्होंने सबसे पुराना ज्ञात सूक्ष्मजीव जीवाश्म (fossil microorganisms) का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन के अनुसार धरती पर जीवन 3.5 अरब साल पहले शुरू हुआ था।

अमेरिका के कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स और विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन दो प्रजातियों का अध्ययन उन्होंने किया उनमें से एक आदिम प्रकार के प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करता था और दूसरा मीथेन गैस का उत्पादन करता था और दो अन्य मिथेन का सेवन करके उससे अपने कोशिका के दीवार (झिल्ली) का निर्माण किया करता था।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से प्राप्त सूक्ष्मजीव  3.465 अरब वर्ष पुराना हैं। इस बात के साबूत प्राप्त हो जाने पर कि पृथ्वी के इतिहास के अत्यंत प्रारंभिक काल में ही विविध समूह के जीव (जीवाणु) विकसित हो चुके थे, यह इस अनुमान को मजबूत करता है कि  ब्रह्मांड में कहीं और भी जीवन मौजूद हो सकता है।  पृथ्वी पर जीवन बहुत तेजी से पैदा हुआ था। लेकिन यह पृथ्वी से बाहर कहीं और पैदा नहीं हुआ होगा, ऐसी सोच रखना उचित नहीं होगा।

 UCLA के प्रोफेसर जे. विलियम शाफ कहते हैं   आदिम प्रकाश संश्लेषण, मीथेन उत्पादक, मीथेन उपयोगकर्ता, मतलब 3.465 अरब साल पहले से ही  पृथ्वी पर जीवन विविध रूप में मौजूद था; यह स्पष्ट है। 

PNAS जर्नल में प्रकाशित लेख के प्रमुख लेखक प्रोफेसर  जे. विलियम शाफ लिखते हैं ये प्रथम डेटा है, जो पृथ्वी के इतिहास के उस काल में मौजूद बहुत ही विविध जीवन को दिखाते हैं, जबकि हमारे पिछले शोध ने दिखाया है कि 3.4 अरब साल पहले भी सल्फर के उपयोगकर्ता थे” 

अंतरिक्ष के आंगन में बिखरे खरबों सितारे

वे कहते हैं यह अध्ययन हमें बताता है कि पृथ्वी में जीवन काफी पहले ही शुरू हो चुका था और यह पुष्टि करता है कि आदिम जीवन के लिए अपने से अधिक उन्नत सूक्ष्मजीवों में विकसित होना मुश्किल नहीं था।”

प्राचीन जीवाश्मों में संरक्षित सूक्ष्मजीवों में किए गए यह अध्ययन अब तक का सबसे अधिक विस्तृत अध्ययन है।

अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी जिसे secondary ion mass spectroscopy (SIMS) कहा जाता है,  के द्वारा सूक्ष्मजीवों का विश्लेषण किया, जो कार्बन –12 से कार्बन –13 आइसोटोप के अनुपात का पता लगाता है। इस सूचना से वैज्ञानिक इस बात को निर्धारित करने के लिए उपयोग कर सकते हैं कि सूक्ष्मजीव ने जीवन कैसे जीया था। ये जीवाश्म उस काल में निर्मित हुए थे जब वातावरण में बहुत कम ऑक्सीजन था।

 तब तक उन्नत प्रकाश संश्लेषण विकसित नहीं हुआ था।

 2 अरब वर्ष पहले वायुमंडल में तेजी से वृद्धि होने के पहले करीब आधा अरब साल (करीब २.५ अरब साल) पहले ऑक्सीजन पृथ्वी पर प्रकट हुआ था।  

 ऑक्सीजन इन सूक्ष्मजीवों के लिए जहरीली हुआ होता, और उन्हें मार डाला होता । आदिम प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर काफी दुर्लभ हैं क्योंकि वे केवल उन स्थानों पर मौजूद होते हैं जहां प्रकाश होता है लेकिन कोई ऑक्सीजन नहीं होता है। – आम तौर पर पृथ्वी में जहां कहीं भी प्रकाश होता है वहाँ कहीं भी प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन होता है

 वैज्ञानिकों द्वारा विश्लेषण करने वाले चट्टानों का अस्तित्व भी उल्लेखनीय है। पृथ्वी की सतह पर उजागर चट्टान का औसत जीवनकाल लगभग 200 मिलियन वर्ष है।

 इस अध्ययन से पूरे ब्रह्मांड में आदिम जीवन स्वरूप की उपस्थिति का सबूत मिलता है। ब्रह्मांड में उन्नत जीवन की उपस्थिति  की संभावना भी अधिक है। हालांकि वह शायद कम है।        – नेह