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देश भर में फैले झारखण्डी समाज को समर्पित समाचार-विचार वेबपेज-निरंग पझरा। आदिवासी समाज के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक विवेचना, विश्लेषण, चर्चा, विमर्श ।

 

लेखन-पत्रकारिता एक कला है और इसमें सफलता के लिए वैसे ही परिश्रम और लगन की अपेक्षा की जाती है जैसे किसी अन्य पेशा अथवा कला को सीखने में। यदि आपके पास एक सजग और सतर्क दिमाग के साथ आम आदमी के लिए गहरी सहानुभूति भी है तो एक पत्रकार बनने के लिए आपमें प्राथमिक गुण मौजूद है।

यदि समाज की विपन्नता, अन्याय, पक्षपात, स्थापित नियमों की अवहेलना, शोषण इत्यादि देखकर आप बेचैन हो जाते हैं और आप इन सबका प्रतिकार कर, इनका समाधान ढूँढने की इच्छा रखते हैं, तो आप एक संवेदनशील इंसान हैं। इनके अतिरिक्त आप में संघर्ष करने का जब्जा है, तो आप एक सफल लेखक-पत्रकार बनने के आवश्यक गुणों से संपन्न हैं। जरूरत तो इस बात की है कि आप अपने भीतर बैठे हुए लेखक-पत्रकार को बाहर निकालें। आप अपने आसपास के वातावरण का अवलोकन करें और समाज से जुड़े विषय पर अपनी कलम चलाएँ। अपनी कलम से मूक समाज की आवाज बनें। यदि आप लेखक पत्रकार के रूप में निरंग पझरा से जुड़ना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है।

निरंग पझरा के माध्यम से आप अपने विचारों को आदिवासी समाज तक पहुँचा सकते हैं और समाज के विकास में एक महत्ती भूमिका निभा सकते हैं। समाज विकास के लिए आपके महत्वपूर्ण संघर्ष में निरंग पझरा एक विनम्र सहयोगी बनने का आकांक्षी है। उत्साही नव रचनाकारों के लिए निरंग पझरा लेखन शिविर और कार्यशाला का आयोजन भी करता है। ’’’-

आप निरंग पझरा में प्रकाशित करने के लिए अपने मौलिक लेख, रचना, कहानी, कविताएँ कॉमेंट बॉक्स में दे सकते हैं। उसे एडिट करके आपके नाम से प्रकाशित किया जाएगा। शर्त यही है कि आपकी रचना का विषय आदिवासी समाज से संबंधित हो और वह आपके द्वारा मौलिक रूप से लिखी गई हो।

निरंग पझरा आपके सहयोग से ही सामाजिक हित में उम्दा, लेख रचना आदि प्रकाशित कर सकता है। आपका सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।  निरंग पझरा आपके सहयोग की आशा करता है। यदि आप निरंग पझरा पेज में दिखाई देने वाले विज्ञापनों को क्लिक करके दो मिनट के लिए देखेंगे तो भी आप एक प्रकार से सहयोग कर रहे होंगे। आप के सहयोग के लिए आपको धन्यवाद।